कुढते कुढते यह जीवन
कुढते कुढते यह जीवन
ज्वालामुखी बनाओ मत,
तुम भी कुछ हो सकते हो
सत्य अटल, झुठलाओ मत,
पतझड़ है तो होने दो
गीत विरह के गाओ मत,
अपना जीवन जिए बिना
इस संसार से जाओ मत…
कुढते कुढते यह जीवन
ज्वालामुखी बनाओ मत,
तुम भी कुछ हो सकते हो
सत्य अटल, झुठलाओ मत,
पतझड़ है तो होने दो
गीत विरह के गाओ मत,
अपना जीवन जिए बिना
इस संसार से जाओ मत…