मुक्तक
मुक्तक
प्रकृति बचाने की शपथ उठाएं।
खुद समझें सबको ही समझाएं।
जन्मदिवस हो या उत्सव कोई।
कम से कम हम इक पेड़ लगाएं।।।
डॉ ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम
मुक्तक
प्रकृति बचाने की शपथ उठाएं।
खुद समझें सबको ही समझाएं।
जन्मदिवस हो या उत्सव कोई।
कम से कम हम इक पेड़ लगाएं।।।
डॉ ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम