भीड़ में हो या अकेले हो
भीड़ में हो या अकेले हो
अब कोई फर्क़ पढ़ता नहीं
क्यूँ के मुझे ये एहसास रहता है
के पल पल मेरा खुदा मेरे साथ है……ShabinaZ
भीड़ में हो या अकेले हो
अब कोई फर्क़ पढ़ता नहीं
क्यूँ के मुझे ये एहसास रहता है
के पल पल मेरा खुदा मेरे साथ है……ShabinaZ