तरबूजा
तरबूजा फल खाइये, जीते दिल हर बार|
छिलका खासा सख्त है, भीतर गूदा सार ||
भीतर गूदा सार,तरावट फल की सीरत|
यह जल से भरपूर, खनिज की मिली वसीयत||
कहें प्रेम कविराय,नहीं गर्मी फल दूजा |
थामे दिल का रोग,फलों में फल तरबूजा ||
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव प्रेम