इश्क़ तुम्हीं से करता हूं
वादों पे वादा करता था
कभी नहीं मैं डरता था,
कभी शांत तो कभी बात में
मैं इश्क़ तुम्हीं से करता हूं ।
कोई कुछ भी बोले चाहे
औरों की नहीं मैं सुनता था
मानो कभी या ना मानो
मैं इश्क़ तुम्हीं से करता हूं ।
दिल की बातें दिल में रखता
कभी नहीं कुछ कह पाया
कुछ तो बोलो यार मेरे
मैं इश्क़ तुम्हीं से करता हूं ।
दुनिया की ना एक सुनी
तुममें अपनी दुनिया देखी
मरने को तैयार खड़ा मैं
मैं इश्क़ तुम्हीं से करता हूं ।
प्यार,इश्क़ की बातें अलग हैं
लोगों की सौगातें प्रबल हैं
तुमसे मिलने को आतुर मैं
मैं इश्क़ तुम्हीं से करता हूं