इस झूठ भरी दुनिया में, कोई तो सच का राग सुनाए।
इस झूठ भरी दुनिया में, कोई तो सच का राग सुनाए।
कोई तो हो ऐसा रस्ता, जहां जाकर रब मिल जाए।।
आज की रात कट जाए चुपके से,कही सपना टूट ना जाए।
महकती फूलों की बगियाँ में,फिर से भंवरे गीत गुनगुनाएँ।।
इस मोह जाल में फंसकर खुद को कैसे रोका जाए
खुल जाएं अब नींद हमारी झूठ का भ्रम टूट कर बिखर जाए।।
मधु गुप्ता “अपराजिता”
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