जब दास्तान दिल की ज़ुबानी हो
जब दास्तान दिल की ज़ुबानी हो
तो शब्दों को हलके में मत तौल
कागज़ पे लिख इन्हे बेपर्दा न कर प्यारे
दिल के लफ्ज़ होते है अनमोल
– जलज
जब दास्तान दिल की ज़ुबानी हो
तो शब्दों को हलके में मत तौल
कागज़ पे लिख इन्हे बेपर्दा न कर प्यारे
दिल के लफ्ज़ होते है अनमोल
– जलज