शोले
शोले
बम के गोले
आग के शोले
पाकिस्तान अब
तुम तिरंगा की होले
आत्मसमर्पण कर
झटपट
नहीं तो बम फूटेगी
फटफट
जैसे करनी वैसी फल
आज नहीं तो कल
यही है हल
भारतीय बल
दुश्मन पर भारी
देखो आज युद्ध
है जारी……!
साहित्यकार
कविराज संतोष कुमार मिरी “विद्या वाचस्पति”
नवा रायपुर छत्तीसगढ़