अभी बस सिंधु रोका है ठिकाने अक्ल आएगी।
अभी बस सिंधु रोका है ठिकाने अक्ल आएगी।
मरेगा भूख से तू क्या तेरी आवाम खाएगी।।
ब्रह्मोस ने थोड़ा सा ही जलवा दिखाया है।
तेरा क्या हश्र होगा जब यहां से अग्नि जाएगी।।
“कश्यप”