इंतज़ार है
धड़कनो पे आजकल बस नहीं, जाने क्यों ये बेक़रार है?!
किसी का तो मुझे इंतज़ार है..
खुशबू से महका के फ़िज़ा जो गयी
दिल में रहने की लेके रज़ा जो गयी
जब कम्बख्त दिल लगा बैठा मैं तब
दूर हो, देके ऐसी सज़ा जो गयी
उसी ज़ालिमा को तरसता मेरा दिल बीमार है
किसी का तो मुझे इंतज़ार है..
मैं प्यासा हूँ वो मेरी प्यास है
मैं जीता हूँ क्योकि वो सांस है
गम से घिरा हूँ हर तरफ से मैं
खुशियों की बस वो ही एक आस है
जिसने कराया इश्क़ से मेरा करार है
किसी का तो मुझे इंतज़ार है..
उपरवाले से करता जब फ़रियाद हूँ
हर दुआ में बस उसे करता याद हूँ
वो नहीं तो मैं कुछ नहीं
उसके होने से मैं आबाद हूँ
कुछ नया सा हूँ मैं, क्या हुआ मुझे प्यार है?
किसी का तो मुझे इंतज़ार है..