आंसू
मेरी आँखों मे आँसू हैं,
रोज अच्छे नहीं लगते आंसू
क्यूं बिना वजह बहते आंसू।
जुबां इनकी कोई न समझे
ऐसा क्या है जो कहते आंसू।
खुशी में भी आंख भर जाये
अलग रंग के दिखते आंसू।
उदासी में भी साथ दे अपना
ग़म में झर झर बहते आंसू।
स्थिति मन की सब जानते
कितना कुछ है सहते आंसू
सुरिंदर कौर