मोहब्बत मे जितना किसको है
मोहब्बत मे जितना किसको है
मुझे प्यार में बस घाटे चाहिए
वक़्त हो तकरार का मुझे तुम्हारे हाथों में
आधे सने हुए आटे चाहिए|1|
लोग कहते है हमे
बहुत बोलने लगे हो तुम
आँखें दिखवो ना
हमें हमारे हिस्से के सन्नाटे चाहिए |2|
हर रोज़ रात कटने से पहले
तुम्हारी वो मीठी मीठी बातें चाहिए ||
हम तुम्हें गुस्सा दिलाएँ और बदले मे,
हमें वो गुस्से वाली जज्बाते चाहिए |3|
कभी तुम बेवजह नाराज़ हो जाओ ,
और गुस्से से वो बातों वाली चांटे चाहिए|4|
ज़िंदगी जीने के लिए
हमें हर रोज़ बस तुम्हारी आहटे चाहिए |
तुम गहरी नींद मे सो जाओ
हमें तो बस तुम्हारे खर्राटे चाहिए |5|
जैसे सूरज की रोशनी चाँद रोशन होता है
वैसे हमारे दिन हो जाए
बनके बरसात कभी आकाश की ये जमीन हो जाए
तुम्हें मालूम है याद ना आई हो तुम्हारी
ऐसा कोई दिन नहीं है |
काश हमारे जीवन मे तुमहरा साथ भी
मुमकिन हो जाए |6|
–दिवाकर महतो(रांची झारखंड)