अभी आगाज है ये सोच ले अंजाम क्या होगा।
अभी आगाज है ये सोच ले अंजाम क्या होगा।
तू पहले ही बुरा है अब अधिक बदनाम क्या होगा।
कसम खाई है मिट्टी में मिलाने की तुझे पाकी।
ये वादा हिंद का है सोच ले परिणाम क्या होगा।।
“कश्यप”