कहना तो आसान है - कुण्डलिया
विषय – कहना तो आसान है
छंद – कुण्डलिया
कहना तो आसान है, इसमें क्या है भार।
करने वाला जानता, पड़ती कितनी मार।।
पड़ती कितनी मार, नहीं मिलती है राहत।
सदा सुनें हर बात, करे दिल को भी आहत।।
नहीं कभी भी चैन, सदा हीं पड़ता सहना।
उड़ा रहे हैं मौज, यही लोगों का कहना।।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया इंगलिश पालीगंज पटना।
संपर्क – 9835232978