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22 May 2025 · 1 min read

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस - गजल

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस – गजल

आप आतंक से लड़ सकें जो कभी,
रोज डर से निशाना बनेगा नहीं।
कौन आया यहाँ है अमर हो सदा,
मार डालो अगर तो मरेगा नहीं।।

आप कोसो रहे दूर तो क्या हुआ,
सांप है पर किसी को डंसेगा नहीं।
हौंसला रख चलो शस्त्र थामों जरा,
वार खुलकर करो वह बचेगा नहीं।।

मौन रहकर सदा बल उसे है दिए,
रोक दें जो कभी तो उठेगा नहीं।
देर अब हो गयी बात ऐसी कहाँ,
डिग सको जोर उसका चलेगा नहीं।।

काश सबके दिलों में सदा प्यार हो,
नफरतें साथ कोई रखेगा नहीं।
क्रोध पापी बनाया सभी को यहाँ,
प्रेम का भाव लेकिन मिटेगा नहीं।।

रोष करते सदा दोष हरते सदा,
लोभ का मोह मन में रहेगा नहीं।
सिर उठाकर जिए तो जिए हैं सदा,
खून से भूमि अब तो सनेगा नहीं।।

रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया इंगलिश पालीगंज पटना।
संपर्क – 9835232978

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