भोलेनाथ भजन रचनाकार अरविंद भारद्वाज
कृपा कर दो भोलेनाथ हम, द्वार तेरे हैं आए
ढोल नगाड़े साथ में लेकर, डमरु आज बजाए
कैलाशी तू है अविनाशी, घट-घट में है विराजे
मंदिर तेरा कोस-कोस पर शंखनाद है बाजे
सुरताल मिलाकर भजन तेरा, जोर-जोर से गाए
ढोल नगाड़े साथ में लेकर, डमरु आज बजाए
लिंग रूप में तू है विराजे, नीर भक्त है चढ़ाते
कठिन मार्ग कितना भी हो पर, भक्त तेरे दर आते
धूप-दीप फूलों की माला, तुझको भेंट चढ़ाए
ढोल नगाड़े साथ में लेकर, डमरु आज बजाए
भोला बाबा तू कहलाता, भक्तों का रखवाला
कष्ट हरे जो सुमिरन करता, जपे नाम की माला
ओम नाम जपने वालों को, पार तू बाबा लगाए
ढोल नगाड़े साथ में लेकर, डमरु आज बजाए
अरविंद भारद्वाज