लल्लो-चप्पों र झेला-झेली की अक़्ल होती तो सियासत में होता। च
लल्लो-चप्पों र झेला-झेली की अक़्ल होती तो सियासत में होता। चार उंगलियां घी में और अंगूठा मक्खन में कर के। यहां नहीं।
😃प्रणय प्रभात😃
लल्लो-चप्पों र झेला-झेली की अक़्ल होती तो सियासत में होता। चार उंगलियां घी में और अंगूठा मक्खन में कर के। यहां नहीं।
😃प्रणय प्रभात😃