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22 May 2025 · 1 min read

लल्लो-चप्पों र झेला-झेली की अक़्ल होती तो सियासत में होता। च

लल्लो-चप्पों र झेला-झेली की अक़्ल होती तो सियासत में होता। चार उंगलियां घी में और अंगूठा मक्खन में कर के। यहां नहीं।
😃प्रणय प्रभात😃

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