जिंदगी और जीवन में अंतर होता हैं।
जिंदगी और जीवन में अंतर होता हैं।
किसी अपने की जिंदगी जाने के बाद एहसास होता हैं।
तब
शायद और निश्चित झूठी हंसी और जमाने को हम समझते हैं।
कौन अपना और पराया होता हैं।
नीरज 👍
जिंदगी और जीवन में अंतर होता हैं।
किसी अपने की जिंदगी जाने के बाद एहसास होता हैं।
तब
शायद और निश्चित झूठी हंसी और जमाने को हम समझते हैं।
कौन अपना और पराया होता हैं।
नीरज 👍