ज़िंदगी
किताबों से कहीं ज्यादा पढ़ाती ज़िन्दगी हमको
कभी पतझड़ कभी सावन दिखाती ज़िन्दगी हमको
हमेशा कैद रखती है हमें साँसों के पिंजरे में
इशारों पर सदा अपने नचाती ज़िन्दगी हमको
डॉ अर्चना गुप्ता
21.05.2025
किताबों से कहीं ज्यादा पढ़ाती ज़िन्दगी हमको
कभी पतझड़ कभी सावन दिखाती ज़िन्दगी हमको
हमेशा कैद रखती है हमें साँसों के पिंजरे में
इशारों पर सदा अपने नचाती ज़िन्दगी हमको
डॉ अर्चना गुप्ता
21.05.2025