चिंतन
चिंतन
स्वार्थ की दुनिया मतलब के मेले
माया का बंधन झूँठे सब झमेले
शिकायत नही पर मन भर गया है
हल्का जर्क दे आगोश में ले ले
©®दुष्यन्त ‘बाबा’
चिंतन
स्वार्थ की दुनिया मतलब के मेले
माया का बंधन झूँठे सब झमेले
शिकायत नही पर मन भर गया है
हल्का जर्क दे आगोश में ले ले
©®दुष्यन्त ‘बाबा’