Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
20 May 2025 · 1 min read

खुदा तो रिज़क देता है ,

खुदा तो रिज़क देता है ,
कीड़ो को पत्थर में !
तू क्यों परेशान है ,
हीरे मोती के चक्कर में !!

उड़ा जा आसमान में ,
या लगा गोता समन्दर में !
तुझे उतना ही मिलेगा ,
जितना है तेरे मुकद्दर में !!
ऐ नादान
अपनी भूख का इलज़ाम उस खुदा को ना दे ,
वो तो माँ के पेट में भी बच्चे को पाल देता हैं !!
—————————————

Loading...