इंसान की पहचान
इंसान की पहचान
जो व्यक्ति हंसना जानता हो,
सही समय पर बोलना जानता हो,
आँसु को छिपाना जानता हो,
किसी के खुशी का कारण बनता हो,
माँ-बाप की सेवा करता हो,
बहन की राखी का मोल जानता हो,
जो अपने पिता की हालत जानता हो,
घर के हालात जानता हो,
माँ के दुध का कर्ज जानता हो,
तो वह व्यक्ति, इंसान होता है ।
—– प्रणव राज