Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
20 May 2025 · 1 min read

उम्र महज़ एक गिनती हैं....

उम्र तो महज़ एक गिनती की अद्भुत कहानी है,
हर सुबह सूरज संग तुझे नई पहचान बनानी है।।
उम्र को हर दिन एक बात सच्चाई से सिखलानी हैं,
की जीतना तुझे अपने अंदर की हर ख़ामी है।।

हार ना मानना लौट कर उम्मीद तुझे यही जगानी है,
अपने हाथों से लिख कर किस्मत जगमगानी है।।
उम्र की गिनती रोके ऐसी नाकामी न गले लगानी है,
हर दिन अपने आप से लड़ के कामयाबी कर दिखानी है।।

आँख में आ जाए धुंधलापन तो दिमाग़ की बती जलानी है,
हाथों को मजबूत कर के मन को विश्वाश की चादर उढ़ानी है।।
ठोकर जब कोई लगे तो रास्ते की गलती उसे बतानी है,
ख़ुद को उम्र की गिनती से बेफिक्रा हो कर मात देती जानी हैं।।
मधु गुप्ता “अपराजिता”

Loading...