पूछ-पूछ कर जब थके, प्रियवर मेरा हाल।
पूछ-पूछ कर जब थके, प्रियवर मेरा हाल।
इक दिन मैंने कह दिया, तुम जैसा रूमाल।।
बहुत जोर से हम हंसे , हंसते-हंसते मौन
कुछ घर की मजबूरियां, खुशी बताए कौन।।
सूर्यकांत
पूछ-पूछ कर जब थके, प्रियवर मेरा हाल।
इक दिन मैंने कह दिया, तुम जैसा रूमाल।।
बहुत जोर से हम हंसे , हंसते-हंसते मौन
कुछ घर की मजबूरियां, खुशी बताए कौन।।
सूर्यकांत