सलामत रहे आशियाना हमारा
बज्न 122122122122
महकता रहेगा घराना हमारा
सलामत रहे आशियाना हमारा
समझ जाता है देखकर के वो चहरा
नहीं मानता वो बहाना हमारा।
अभी झूठ का साथ देने लगे हैं
नहीं आज दुश्मन जमाना हमारा।
सुनो जानकर भी यूं अनजान रहते
नहीं काम झगड़ा लगाना हमारा ।
रही कोशिशें गर यूं नूरी”तुमारा
सभी गुनगुनाएंगे तराना हमारा
नूर फातिमा खातून “नूरी”
जिला -कुशीनगर