यहाँ नहीं कोई ऐसा
शीर्षक- यहाँ नहीं कोई ऐसा
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यहाँ नहीं कोई ऐसा, हमसे जो प्यार करें।
साथी हमारा जो बनें, जो सफर साथ करें।।
यहाँ नहीं कोई ऐसा————————।।
हम नहीं काबिल इतने, पूरा हर ख्वाब कर दे।
दौलत नहीं पास इतनी, कीमत दिल की देदे।।
हमको नहीं यकीन ऐसा, उम्मीद यह नहीं जो करें।
यहाँ नहीं कोई ऐसा————————।।
रहने को घर नहीं है, हम है यायावर यहाँ
आज यहाँ तो कल हम, होंगे जाने कहाँ।।
कोई क्यों हमारे लिए, बेघर यहाँ खुद को करें।
यहाँ नहीं कोई ऐसा———————–।।
चाहता है हर कोई, महलो-आराम हरदम।
मौज-मस्ती कभी भी, जिंदगी में नहीं हो कम।।
कोई नहीं यहाँ ऐसा, चाहत जो यह ना करें।
यहाँ नहीं कोई ऐसा———————।।
देखते हैं यहाँ हमेशा, चेहरा खूबसूरत नसीब का।
घर-ओ-शहर बहारे, शीशा खूबसूरत किसी का।।
हम नहीं इतने हसीन, कि कोई हमसे बात करें।
यहाँ नहीं कोई ऐसा————————।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आजाद
तहसील एवं जिला-बारां(राजस्थान)