हे पालन हारी परमेश्वर अब करो दो कल्याण रे
हे पालन हारी परमेश्वर अब करो दो कल्याण रे
मौत_ खड़ी है देख निहारे निकले जाएं प्राण रे
मुझको यारों माफ करो तुम जीवन न आसान रे
कोई न अपना गैर यहां पर सब के सब नादान रे
✍️ कृष्णकांत गुर्जर