पीड़ाओं के फेर में, फँसे हुए सब लोग।
पीड़ाओं के फेर में, फँसे हुए सब लोग।
सुख साधन सीमित मगर, संग दुखों का रोग।।
✍️अरविन्द त्रिवेदी
पीड़ाओं के फेर में, फँसे हुए सब लोग।
सुख साधन सीमित मगर, संग दुखों का रोग।।
✍️अरविन्द त्रिवेदी