"जीवन की सार्थकता संबंधों की श्रेष्ठता पर आधारित होता है क्य
“जीवन की सार्थकता संबंधों की श्रेष्ठता पर आधारित होता है क्योंकि सम्बन्ध ही जीवन को जीवंत बनाते हैं”
” स्वयं “
“जीवन की सार्थकता संबंधों की श्रेष्ठता पर आधारित होता है क्योंकि सम्बन्ध ही जीवन को जीवंत बनाते हैं”
” स्वयं “