सच बोलने वाले लोग
सच बोलने वाले लोग ,कितने झूठे होते हैं
हर पल मुस्काये लेकिन अंदर से टूटे होते हैं।
सच बोलने वाले लोग अक्सर तन्हा होते हैं।
इज्जत की तो छोड़ो ,हर पल रूस्वा होते हैं।
इतनी कड़वाहट दुनिया में, जाने कैसे फैली है
ध्यान से देखा तो यहां पे,हर चादर ही मैली है।
सच बोलने वालों की होती जग में कोई कद्र नही
झूठ बोलता जो पल पल ,उसके पास सब्र नहीं।
सुरिंदर कौर