दिल मे तो हिदुस्तान रखो!
खद्दरधारी टोपी वाले,
तन के गोरे मन के काले।
धर्म, जात को तोल-मोल कर,
राजनीति चमकाने वाले।।
चूस के धर्म की गोली तुम,
तोडते हिन्द की टोली तुम।
सैनिक से छिछलेदारी की,
अब बंद करो बकलोली तुम।।
सैनिक वर्दी की शान रखो,
तुम उनका तो सम्मान रखो।
माना दल से अलग अलग पर,
दिल मे तो हिदुस्तान रखो।।
©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप”
(सर्वाधिकार सुरक्षित १६/०५/२०२५)