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15 May 2025 · 1 min read

नीरव में गुंजार सा

🌹🌹🌹❤️🌹🌹🌹
कुछ शीतल मधुरिम अहसास सा
मन्द बयार का दिल को आभास सा ।

तेज तपन और जमी ठण्ड के बीच सा
कलरव करती चिडियों के गान सा ।

भोर सुनहले रंगे हुए आसमान सा
अंधकार बेधती रश्मि प्रकाश सा ।

निश्छल खिलखिलाती मुस्कान सा
प्रीत पगे नैनों के टकराव सा ।

शान्त नीर मे क्षणिक विक्षोभ सा
अहसास है तेरा नीरव में गुंजार सा ।

कविता मधुर

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