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15 May 2025 · 1 min read

बहकने लगते हैं कदम

बहकने लगते हैं कदम
जब लालसा जन्म लेने लगती है l
अधर्म की राह में भी
धर्म नजर आने लगता है ll

अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

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