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14 May 2025 · 1 min read

"विचित्र दौर"

“विचित्र दौर”
वक्त बहुत बदल गया है
अब कोई बराबरी नहीं करते हैं,
सरल लगता है जलना
तभी तो लोग अब जलते हैं।

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