"विचित्र दौर"
“विचित्र दौर”
वक्त बहुत बदल गया है
अब कोई बराबरी नहीं करते हैं,
सरल लगता है जलना
तभी तो लोग अब जलते हैं।
“विचित्र दौर”
वक्त बहुत बदल गया है
अब कोई बराबरी नहीं करते हैं,
सरल लगता है जलना
तभी तो लोग अब जलते हैं।