भगवान परशुराम भजन रचनाकार अरविंद भारद्वाज
भगवान परशुराम
धरा पाप से विचलित होकर, द्वार हरि के आई
धर्म नाश कर रहे है पापी, धरा ने बात सुनाई
परशुराम की कथा जगत में, हमने आज सुनाई
सुनकर पीड़ा विष्णु जी ने, अपना वचन निभाया
माता रेणुका के घर बालक, राम अवतार में आया
जमदग्नि ऋषि को देवों ने, लख-लख दे दी बधाई
परशुराम की कथा जगत में, हमने आज सुनाई
ब्राह्मण कुल के इस बालक ने, सबका मान बढ़ाया
गुरु ढूँढने कैलाश शिखर, राम दौड़ता आया
परशुराम मिला नाम उसे, महादेव से दीक्षा पाई
परशुराम की कथा जगत में, हमने आज सुनाई
नाश किया पापी का धरा से, परशु उसने उठाया
अजर-अमर अविनाशी बाबा, परशुराम कहलाया
मान रखा है पितृ आज्ञा का, कीर्ति जग में पाई
परशुराम की कथा जगत में, हमने आज सुनाई
रचनाकार:अरविंद भारद्वाज