#लघुकथा
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😂 तगड़ी बचत।
(प्रणय प्रभात)
एक अदना कर्मचारी एक जायज़ काम के लिए अपने विभाग के बड़े अधिकारी से मिला। अधिकारी ने महीने भर चक्कर कटवाने के बाद काम के बदले 25 हज़ार की मांग की। परेशान कर्मचारी छोटे अफ़सर की शरण में गया। जिसने इसी काम के लिए 15 हज़ार की मांग की। वो भी दो सप्ताह टहलाने के बाद।
थक हार कर कर्मचारी पड़ोस में रहने वाले बाबू से मिला। उसने अगली सुबह पहली फुर्सत में वही काम 3 हज़ार लेकर 10 मिनट में कर दिया।
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संपादक
न्यूज़&व्यूज (मप्र)