जीवन के रंग
जीवन के रंग
हर सुबह एक नई किरण लाती,
हर शाम कुछ यादें छोड़ जाती।
कभी हँसी, कभी आँसू की धार,
यही तो है जीवन का असली सार।
कभी नीला, कभी लाल सा लगता,
हर रंग कुछ कह जाता, कुछ सिखाता।
सपनों की उड़ान है इसका संग,
बिखरे हैं इसमें जीवन के रंग।
मुकेश शर्मा विदिशा