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14 May 2025 · 1 min read

अपना दिल आज हम जला लें क्या।

अपना दिल आज हम जला लें क्या।
धोका एक बार फिर से खा लें क्या।।

दिल से तो वो कभी मिला ही नहीं।
हाथ उससे कहो मिला लें क्या।।

सच कहो , पूछता हूँ मैं तुमसे।
खोटा सिक्का है, पर चला लें क्या।

भूलना है उसे हर हालत में।
कोई पौआ नया चढ़ा लें क्या।

आज वो पढ़ रहा लकीरों को।
हाथ अपना उसे दिखा लें क्या।

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