*अमरीका से बचकर चलना, अमरीका के सौ मुख हैं (गीत)*
अमरीका से बचकर चलना, अमरीका के सौ मुख हैं (गीत)
————————————–
अमरीका से बचकर चलना, अमरीका के सौ मुख हैं
1)
अमरीका है बड़ा खिलाड़ी, भरे नोट के बंडल
अमरीका कुश्ती का हीरो, जीत चुका सौ दंगल
अमरीका जब करे दोस्ती, समझो इसमें सौ दुख हैं
2)
अमरीका में जाकर रहते, भैया भाभी बहना
आजीविका दिलाएगा यह, खुलकर इसका कहना
रुपए के तो दो पहलू हैं, अमरीका के सौ रुख हैं
3)
अमरीका को पास बिठाओ, या उसके घर जाओ
अमरीका के मन में क्या है, कैसे पता लगाओ
ऊपर-ऊपर दीख रहा है, अमेरिका में सौ सुख हैं
अमरीका से बचकर चलना, अमरीका के सौ मुख हैं
_________________________
रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451