ऑपरेशन सिंदूर रचनाकार- अरविंद भारद्वाज
भारत की ताकत कै आग्गै, सारे दुश्मन भाग्गै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै
सौ आतंकी मार गिराए, उनके आका भी थर्राए
खून के आँसू देकर उनको, हमें बचाओ वो चिल्लाए
डर कै बिल्ली बना पाक, अब आग्गै-आग्गै भाग्गै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै
घर में घुस के मार के आए, सैन्य ठिकाने उनके गिराए
ऑपरेशन सिंदूर से हमने, ड्रोन से भी गोले बरसाए
हिंद मिसाइल देख पाक नै, ठंड मैं गर्मी लाग्गै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै
एयर बेस गोलों से उड़ाए, सीने पर हम मार के आए
खून की बातें जो करते थे, कतरे- कतरे उनके बहाए
पाणी-पाणी बूंद तरस गे, मटका लेक्कै भाग्गै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै
आतंक हमेशा जो पनपाए, हरकत से जो बाज न आए
परमाणु की धमकी गीदड़, हिंद के शेर को आज सुनाए
आज दिवाली के भी पटाखे, उनके कान मैं बाज्जै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै
कई बिचौले बीच में आए, अपने-अपने मुँह की खाए
नजर उठा जो हिंद को देखें, नाश उसी का जड़ से जाए
अपनी डींग की खातिर वो सब, न्यूज़ चैट पै भाग्गै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै
पहलगाम का न्याय दिलाए, सेना का साहस भी दिखाए
बॉर्डर पर ब्रह्मोस खड़ी कर, मोदी जी अब ना घबराए
अपने भारत का रुक्का, लाहौर प्रांत मैं लाग्गै सै
बॉर्डर पै हिंद देश के सैनिक, रात-रात भर जाग्गै सै