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13 May 2025 · 1 min read

चलो माना कि,,"कश्यप" तुम मुकद्दर के सिकंदर हो।

चलो माना कि,,”कश्यप” तुम मुकद्दर के सिकंदर हो।
मगर इंसान हो तुम कुछ न कुछ तो खामियां होंगी।।
मुहब्बत का फसाना है इसे पर्दे में रहने दो।
जो पर्दा उठ गया तो खामखां बदनामियां होंगी।।

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