मेरी खुशियों की चाबी से तुम
मेरी खुशियों की चाबी से तुम
सर्दियों की धूप गुलाबी से तुम
कुछ अनसुलझी गुत्थियों का जवाब हो तुम
मेरी अनकही कहानी, मेरा ख्वाब हो तुम
बादलों की झुरमुट से झांकता चांद हो तुम
या यूं कहूं…… दिल की धड़कन और मेरी जां हो तुम।।।
……साक्षी सिंह