संगदिल कह दिया मुझको बुरा माना नहीं "कश्यप"।
संगदिल कह दिया मुझको बुरा माना नहीं “कश्यप”।
नजरिया भी तुम्हारा है और पैमाना तुम्हारा है।।
नशा शोहरत का है तुम कुछ भी कह सकते हो जाने दो।
तारीखें भी तुम्हारी हैं जमाना भी तुम्हारा है।।
संगदिल कह दिया मुझको बुरा माना नहीं “कश्यप”।
नजरिया भी तुम्हारा है और पैमाना तुम्हारा है।।
नशा शोहरत का है तुम कुछ भी कह सकते हो जाने दो।
तारीखें भी तुम्हारी हैं जमाना भी तुम्हारा है।।