माँ की ममता
सपनो की सागर है माँ
ममता की गागर है माँ।
प्रसव पीड़ा सहकर भी,
बच्चे को जन्म देती है माँ।।
माँ की ममता का कोई मोल नही
उसकी समता की कोई तोल नही।
जो समझते नही माँ की ममता को
उनके जीवन का कोई मोल नही।।
सपनो की सागर है माँ
ममता की गागर है माँ।
प्रसव पीड़ा सहकर भी,
बच्चे को जन्म देती है माँ।।
माँ की ममता का कोई मोल नही
उसकी समता की कोई तोल नही।
जो समझते नही माँ की ममता को
उनके जीवन का कोई मोल नही।।