नर से नारायण
नर से नारायण
तपस्या से हर दिन रात जीवन जीने समान।
पा लेता है ओ नर तेजस नारायण सम्मान।।
जहां हर्ष तप त्यागी है सारा जीवन।
पाए वहीं नर प्रखर नारायण मान।।
बुद्ध हृदय में विशाल ज्ञान समाया था।
शुद्ध धरा से योग करके ज्ञान जिता था।।
गाता जग तेजोमय नारायण का गीत।
सदीयो से है महामानव की ये प्रित।।
मनुज की श्रेष्ठ साधना से नारायण मान।
बुद्ध विचारो की सारी दुनिया में शान।।
नर से नारायण हुये तथागत महात्मा बुद्ध।
शांति प्रेम संदेश फैला शीत हो गये युध्द।।
स्वरचित – कृष्णा वाघमारे, जालना, महाराष्ट्र.