रोशनी की फसलें काटते रहे हम ताउम्र किताबों से
रोशनी की फसलें काटते रहे हम ताउम्र किताबों से
अपने हिस्से को उगाता रहा हूँ मैं बीजों की तरह।।
रोशनी की फसलें काटते रहे हम ताउम्र किताबों से
अपने हिस्से को उगाता रहा हूँ मैं बीजों की तरह।।