आपरेशन सिंदूर - मनहरण घनाक्षरी
ऑपरेशन सिंदूर – कृपाण घनाक्षरी
बेकसूरों का संहार,
करते कैसे स्वीकार,
पाक फँसा मझधार, अब होगा आर-पार।
चारो तरफ चित्कार,
मचाया था हाहाकार,
हमारी अबकी बार, दानव पर प्रहार।
सेना किया अंगीकार,
युद्ध के लिए तैयार,
घर घुसकर मार, मूल नाश के आसार।
लिए रूद्र अवतार,
मिटाने को अत्याचार,
नहीं अब मनुहार, करूँ नष्ट दुराचार।
रचयिता – राम किशोर पाठक
प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया इंगलिश पालीगंज पटना।
संपर्क – 9835232978