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10 May 2025 · 1 min read

रेडक्रॉस

रेडक्रॉस

सदा हीं जो किया सेवा उसे, लाना आगे।
कभी लाचार पाएं तो कहें, आना आगे।
बढ़ाकर हाथ खुद उसको वहाँ, करना आगे।
नहीं मानव निभाए धर्म तो, मरना आगे।।

रहें हम-सब विकासोन्मुख जहाँ, रहना आगे।
तजे हर रोष को पाले अमन, बहना आगे।
परामर्श कहते युद्ध रुके, कहना आगे।
मिला हो शांति सबको है वहाँ, सहना आगे।।

गठित संस्थान रेडक्रॉस को, बढ़ना आगे,
सभी की नित्य चिंता हो रही, मढ़ना आगे।
मिला सम्मान है नोबेल का, चढ़ना आगे,
कहे उपकार के कुछ भाव को, गढ़ना आगे।।

रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया इंगलिश पालीगंज पटना।
संपर्क – 9835232978

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