#सामयिक_मुक्तक
#सामयिक_मुक्तक
🗓️ लिख कर रख लो…।
(प्रणय प्रभात)
ज़हरीली जीभों को भी अपने बोल बदलते देखोगे,
अनगिनत भुजंगों को जल्दी ही खोल बदलते देखोगे।।
दावे से कहता हूं सुन लो लिखना चाहो लिखकर रख लो,
इतिहास बदलते देख लिए भूगोल बदलते देखोगे।।
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#कथ्य:
आज हमारे देश के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के झूठे और बड़बोले राष्ट्रपति को जो जवाब दिया, उससे एक आम भारतीय के नाते मैं भी हर्षित व उल्लासित हुआ। उसके बाद कल को लेकर जो मुक्तक हुआ, आपके लिए प्रस्तुत किया।
संपादक
न्यूज़&व्यूज