दिल से सोचिए
दिल से दिल की बात नई, दिल से सोचिए
दिल से दिल की रात नई, दिल से सोचिए
सोचिए जी बैठकर, वतन से क्या मिला
दी जिसने सौगात नई, दिल से सोचिए।।
सूर्यकांत
दिल से दिल की बात नई, दिल से सोचिए
दिल से दिल की रात नई, दिल से सोचिए
सोचिए जी बैठकर, वतन से क्या मिला
दी जिसने सौगात नई, दिल से सोचिए।।
सूर्यकांत